टी20 फॉर्मेट की संरचना और खेल के मुख्य नियम
टी20 क्रिकेट में प्रत्येक पक्ष को अधिकतम 20 ओवर मिलते हैं। पहले छह ओवर पावरप्ले कहलाते हैं, जिनमें मैदान के बाहरी घेरे में केवल दो क्षेत्ररक्षक खड़े हो सकते हैं — इससे बल्लेबाज़ी पक्ष को बड़े शॉट लगाने का मौका मिलता है। पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में इस फॉर्मेट के प्रशंसक इसकी तेज़ रफ़्तार और अप्रत्याशितता को सबसे ज़्यादा पसंद करते
हैं। नो-बॉल पर फ्री हिट का नियम, सुपर ओवर टाईब्रेकर, और डीएलएस पद्धति — ये तीन नियम टी20 को वनडे से अलग बनाते हैं। यह जानकारी सिम्युलेटेड खेल समझ के लिए है; वास्तविक धन वाली कोई गतिविधि इसमें शामिल नहीं है।